अनिल कुंबले की अगुवाई वाली टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर आईपीएल के दूसरे सेशन के फाइनल में डेक्कन चार्जर्स से हार गई, लेकिन एक खिलाड़ी हैं, जिसने इस हार को सकारात्मक तरीके से लिया है। वो है विराट कोहली, जिन्होंने अपनी टीम की ओर से सबसे ज्यादा कैच पकड़ी और यकीन मानिए ये सारी कैचें शानदार थी। कोहली शांत दिमाग के आक्रामक बल्लेबाज है, जो एक परिपक्व खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। हमारे विशेष सवांददाता सचिन वासवानी ने उनसे आईपीएल के अनुभवों पर विस्तार से बातचीत की। आइए जानते है इस बातचीत के कुछ अंश :-
आपकी टीम ने इस साल आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया। आपका कुछ मिलाकर इस टूर्नामेंट में कैसा
अनुभव कैसा रहा?
यह बहुत अच्छा अनुभव था। इस साल हमारी टीम ने पिछले साल के मुकाबले काफी बढि़या प्रदर्शन किया।
बेंगलोर रॉयल चैलेंजर्स आईपीएल-2 के फाइनल मैच में हार गया। इससे आप काफी निराश हुए होंगे?
हां यह काफी निराशाजनक था, लेकिन इस साल पूरे टूर्नामेंट में हमने काफी अच्छी क्रिकेट खेली। इस साल फाइनल की हार से हमने काफी कुछ सीखा, जो हमें अगले साल फायदा पहुंचाएगा।
आपने आईपीएल-2 में 9 शानदार कैच पकड़ी और मैदान में आपकी फील्डिंग भी शानदार रही। क्या आपको लगता है कि आपकी टीम की सफलता का राज़ शानदार फील्डिंग और सही क्षेत्र में गेंदबाजी करना रहा?
हां, यदि गेंदबाज अच्छी दिशा में गेंदबाजी करें और इसे अच्छी फील्डिंग का साथ मिले, तो अच्छे परिणाम सामने आते हैं। और हमारे फील्डर हमेशा गेंदबाजों का पूरा सहयोग करते हैं। हमारी टीम के फाइनल तक पहुंचने में इसकी अहम भूमिका रही।
आईपीएल के फाइनल मुकाबले के बाद बेंगलोर टीम के मालिक विजय माल्या की क्या प्रतिक्रिया रही ?
वह टीम के शानदार प्रदर्शन और फाइनल में पहुंचने पर बेहद खुश हुए। और उन्होंने हमें इसके लिए बधाई दी।
क्या आप दिल्ली की ओर से आईपीएल में न खेल पाने पर निराश हैं, क्योंकि आप मूल रूप से दिल्ली के हैं?
किसी विशेष टीम की ओर से खेलना मेरे हाथों में नहीं है। मुझे किसी भी टीम की ओर से खेलने के लिए कहा जाता, तो मुझे खुशी होती, क्योंकि मुझे खेलना बहुत अच्छा लगता है।
आप इंग्लैंड में होने वाले ट्वेंटी-20 वर्ल्ड कप की टीम में अपनी जगह नहीं बना पाए, क्या आप इस बात से निराश हैं?
अगर मैं ट्वेंटी-20 वर्ल्ड कप की टीम का हिस्सा होता, तो मुझे बहुत खुशी होती। मैं अपना प्रदर्शन सुधारने में लगा हुआ हूं। शायद मुझसे भी काबिल खिलाड़ी थे, जिन्हें मौका मिला है।
क्रिकेट के हर फॉर्मेट में आपने अपनी काबलियत साबित कर दी है। इन सब में से कौन सा फॉर्मेट आपको सबसे ज्यादा पसंद है?
वनडे क्रिकेट मेरे लिए सबसे उपयुक्त है। मुझे लगता है कि वनडे मेचों में खिलाड़ी को सेट होने के लिए अधिक समय मिलता है। टेस्ट क्रिकेट क्लासिक खिलाडि़यों के लिए है और हर खिलाड़ी का लक्ष्य एक टेस्ट क्रिकेटर बनना होता है।
आप महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम में खेल हैं और अनिल कुंबले की कप्तानी में आईपीएल में भी खेलने का आपको अवसर मिला। इन दोनों कप्तानों में आपको क्या अंतर देखने को लगा?
मुझे लगता है कि वो दोनों कुछ-कुछ एकसमान हैं। दोनों ही हर खिलाडी को पूरा महत्व और स्थान देते हैं। इन दानों का टीम को नेतृत्व करने का अपना तरीका है। धोनी बहुत ही शांत रहते है, वहीं अनिल भाई थोड़ा आक्रामक हैं।